Saturday, July 25, 2015

Diabetes Mellitus explained in Simple Hindi Language - डायबिटीज (शुगर ) आसान भाषा में समझें

Simplify Diabetes Mellitus in Hindi - डायबिटीज (शुगर ) आसान भाषा में समझें 


What is Diabetes Mellitus ? 

डायबिटीज (शुगर ) क्या है ?

Diabetes is a metabolic disorder, characterized by high levels of blood sugar. In such a type of disease the body is unable to produce sufficient insulin to be used for regulation of blood sugar levels or there is resistance for insulin in receptors


शुगर एक ऐसी बीमारी है जिसमे खून में शुगर की मात्रा  बढ़ जाती है ।  इस बीमारी में, शरीर सामान्य मात्रा  में इन्सुलिन नहीं बना पाता।  इस  के कारण, शरीर के कोशिका  शुगर को उपयोग में नहीं ले पाते  और शुगर की मात्र खून में बढ़ने लगती है।


What causes Diabetes Mellitus?
डायबिटीज (शुगर ) कैसे होता है ?

The major and most important cause of diabetes is the poor functioning of the pancreas, which cripples its ability to produce sufficient insulin to be used by the cells for the uptake of glucose. Environmental factors along with genetic defect are also known to play foul in causation of diabetes. In addition, being overweight can also predispose an individual to develop diabetes.

हमारे शरीर में जब पैंक्रियास ठीक से काम नहीं करते तो इन्सुलिन भी सही प्रमाण में नहीं बन पाता। इसी कारण वश ग्लूकोस अथवा शुगर खून में ही रह जाता है और शरीर के सेल्स तक नहीं पहुंच पाता।  इसके आलावा, शुगर की बीमारी अन्य परिस्थितियों मैं पर्यावरण सम्बंधित  एवं अनुवांशिक कारण  भी हो
सकता है।  जिन व्यक्तियों का वजन ज़रूरत से ज़्यादा है, वे भी शुगर की बीमारी का शिकार बन सकते है।


Diabetes Mellitus
Diabetes Mellitus


What are different types of Diabetes Mellitus?
डायबिटीज (शुगर ) कितने प्रकार की  होती  है ?

There are 3 types of diabetes, namely: Type 1 diabetes, type 2 diabetes and gestational diabetes.

शुगर तीन प्रकार के होते है: टाइप १ डायबिटीज, टाइप २ डायबिटीज एवं जेस्टेशनल डायबिटीज।

Does Diabetes Mellitus spread from person to person?
क्या डायबिटीज (शुगर ) एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को हो सकती है ?

No, diabetes is not an infectious disease and cannot spread from person to person.

नहीं, डायबिटीज (शुगर) एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को नहीं फ़ैल सकता।
ये एक छूत की बीमारी नहीं है।


What are the Symptoms of Diabetes Mellitus?
डायबिटीज (शुगर ) के लक्षण क्या होते हैं ?

Symptoms of diabetes vary depending on your blood sugar levels. Some of the common signs and symptoms include:

  • Increase in urge to urinate
  • Increased thirst
  • Undue weight loss
  • Increased hunger
  • Tiredness
  • Frequent susceptibility to infections
  • Irritability
  • Weakened eye sight
  • Sores do not heal quickly
डायबिटीज (शुगर) से ग्रस्त व्यक्तियां इन लक्षणों का शिकार होते है :


  • बार बार पेशाब आना 
  • ज़्यादा प्यास लगना
  • वजन काम हो जाना
  • भूख बढ़ना 
  • थकान महसूस करना, 
  • नज़र कमज़ोर होना
  • घाव जल्दी ठीक न होना
  • चिड़चिड़ा पन 
  • जल्द ही इन्फेक्शंस लगना

How Diabetes Mellitus is diagnosed?

डायबिटीज (शुगर ) की पहचान कैसे होती है ?

In many cases, a simple blood sugar test would be enough to judge the blood sugar levels. To confirm diabetes, fasting blood sugar test followed by oral glucose tolerance test is carried out. For diagnosing gestational diabetes, pregnant mothers would be tested using initial glucose challenge test, followed by follow – up glucose testing.

सामान्य तौर पर, ब्लड शुगर जांच  से ही शुगर की बीमारी पकड़ में आ जाती है।  इसके आलावा, खाली पेट ब्लड शुगर टेस्ट और ओरल ग्लूकोस टॉलरेंस टेस्ट भी किये जाते है।  जेस्टेशनल डायबिटीज की जांच के लिए, प्रेग्नेंट औरतें को ग्लूकोस चैलेंज टेस्ट और फल्लोव - उप ग्लूकोस टेस्टइ  करवाना पड़ता है।


What is Treatment of Diabetes Mellitus
?
डायबिटीज (शुगर ) का इलाज़ क्या है ?
Diabetes treatment majorly depends on the type of diabetes that has set in. Those with type 1 diabetes are given insulin shots for keeping the blood sugar levels under control. For treating type 2 diabetes, medications along with insulin shots are required. In addition to medications, diabetic individuals are clearly advised to adhere to a healthy eating pattern and to undergo regular physical activity to keep their blood sugar levels under check.

शुगर का इलाज बीमारी आम तौर पर इन्सुलिन के इंजेक्शन्स द्वारा किया जाता है।  इन्सुलिन के इंजेक्शन उन व्यक्तियों के लिए है जिनको टाइप १ डायबिटीज हुआ है।  उनके लिए जो क टाइप २ डायबिटीज का शिकार हुए है, उनको दवाइयों के इंजेक्शन्स भी दिए जाते है।  इनके आलावा, एक सम्पूर्ण पौष्टिक
आहर एवं सक्रिय लाइफस्टाइल भी आव्यशक है।

Is it necessary to take insulin for treatment of Diabetes Mellitus?
क्या डायबिटीज (शुगर ) के लिए इन्सुलिन लेना जरुरी है ?

Not always. But, depending on the type of diabetes that has developed, individuals may have to be given regular insulin shots.

हर समय इन्सुलिन के इंजेक्शन्स की न भी ज़रूरत पद सकती है।  परन्तु, डायबिटीज के प्रकार के अनुसार इन्सुलिन के इंजेक्शन्स दिए जाते है।

What is not a treatment of Diabetes Mellitus?
क्या डायबिटीज (शुगर ) का इलाज़ नहीं है ?

Antibiotics and anti-viral medications usually do not form a part of diabetic treatment regime. However, if the patients have suffered cuts or have developed sores, then antibiotics may be required for wound healing.

एंटीबायोटिक्स और एंटीवायरल दवाइयाँ शुगर का इलाज नहीं कर सकती।  परन्तु, अगर इंसान को घाव हो गया हो, या किसी प्रकार का इन्फेक्शन हो गया हो, तो उसे एंटीबायोटिक्स की ज़रूरत पड़ सकती है।


How to Prevent Diabetes Mellitus
?
डायबिटीज (शुगर ) से कैसे बचाव कर सकते हैं ?

It is not always possible to prevent type 1 diabetes. However, strictly following a healthy eating pattern and an active lifestyle along with keeping weight under control can help prevent the development of type 2 diabetes.

टाइप १ डायबिटीज से बचना हर बार संभव नहीं होता  है।  परन्तु अगर आप रोज़ व्यायाम करे, पौष्टिक आहार खाए और वजन को नियनयत्रीत रखे तो टाइप २ डायबिटीज से बचा जा सकता है।

What to do if I suspect I have Diabetes Mellitus?
मुझे शक है कि मुझे डायबिटीज (शुगर ) है।  क्या करूँ ?

If you suspect that you have diabetes, it becomes mandatory for you to consult your doctor immediately and get your blood sugar levels measured.

अगर आपको शक है कि आपको शुगर की बीमारी हुई है तो आप तुरंत अपने  डॉक्टर से संपर्क करे एवं ब्लड शुगर की जांच करवाये।


What to do if I am having Diabetes Mellitus?
मुझे डायबिटीज (शुगर ) है।  क्या करूँ ?

If you are having diabetes, it is best to make corrections in your lifestyle factors. Eat a balanced diet and stay physically active. A balance of exercise, healthy eating and medications would go a long way in effective management of diabetes.

अगर आपको शुगर की बीमारी हुई है, तो अच्छा होगा अगर आप रोज़ व्यायाम करे और संतुलित आहार खाये।  समय से दवाई लेना और स्वस्थ रहना, आपका शुगर कंट्रोल में रखेगा। 

What is Ayurvedic treatment for Diabetes Mellitus?
डायबिटीज (शुगर ) का आयुर्वेदिक इलाज़ क्या है ?

The various herbs used in treatment for diabetes include jambhul, bel, methi, shilajit, triphala, neem and bitter gourd.

आयुर्वेदिक औषधियां जो शुगर की बीमारी में लाभदायक है, वो है: जमभूल, बेल, मेथी, शिलाजीत, त्रिफला , नीम और करेला।

What is homeopathic treatment for Diabetes Mellitus?
डायबिटीज (शुगर ) का होम्योपैथिक इलाज़ क्या है ?

Homeopathic medications have promising effects on diabetes. Some of the common medications used include acidum phosphoricum, arsenicum bromatum, rhus aromaticum, murex purpurea, sanicula, calcarea phosphorica, iodium and uranium nitricum.

शुगर के इलाज में होम्योपैथिक दवाइयाँ काफी लाभदायक है।  कुछ दवाइयों के नाम जो उपयोग में ली जाती है वो है: एसिडम फोस्फोरिकम, आर्सेनिकम ब्रोमातुम, रहस्य अरोमैटिकम, मुरेक्स पुरपुरी, सनिकला, कालकारी फोस्फोरिका, आॅडियम  और यूरेनियम नुत्रिकुम।

What are dietary recommendations for Diabetes Mellitus?
डायबिटीज (शुगर ) होने पर खान पान में क्या बदलाव करने चाहिए ?

Individuals with diabetes are advised to take a high fiber diet and limit the intake of simple carbohydrates, fats and sugars. A diet that is rich in vegetables, fruits, whole pulses and grains are ideal for diabetics.

शुगर की बीमारी से ग्रस्त व्यक्तियों को संतुलित आहार की सलाह दी जाती है।  साथ ही साथ उन्हें कार्बोहाइड्रेट्स, फैट्स और सुगर का इस्तेमाल काम कर देना चाहिए।  ताज़ा फल एवं सब्जियां, अंकुरित दाल, एवं छिलके सहित दाल का सेवन अति आवयशक बन जाता है।

What lifestyle changes are recommended for controlling Diabetes Mellitus?
डायबिटीज (शुगर ) होने पर जीवन शैली में क्या बदलाव करने चाहिए ?

Individuals with diabetes need to maintain a healthy body weight. Therefore, it is advisable that they indulge in a daily exercise regime and keep themselves physically active. Being physically active also helps control a sudden spike in blood sugar levels. It is also important to keep stress at bay, as the stress hormones hamper the functioning of insulin.

सबसे पहले ये ज़रूरी है क व्यक्ति अपना वजन को नियंत्रण में रखे।  इसके लिए उन्हें रोज़ व्यायाम करना होगा और खुद को एक्टिव रखने की पूरी कोशिश करनी होगी।  फिजिकली एक्टिव रहने से ब्लड शुगर भी काबू में रहता है। जितना हो सके तनाव से बचे और स्ट्रेस को दूर रखे।

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