Thursday, July 23, 2015

Swine Flu (H1N1) explained in Simple Hindi Language - स्वाइन फ्लू समझें आसान भाषा में

Simplify Swine Flu (H1N1) in Hindi स्वाइन फ्लू  समझें आसान भाषा में 


Questions Answered in This Article about Swine Flu

What is Swine Flu ( H1N1) ? 
स्वाइन फ्लू क्या है ?

It is an viral infection caused by any one of many types of Swine Flu Viruses. Other names of Swine flu are Pig Influenza, Pig Flu or Hog Flu in some local languages.It was termed swine flu because several years ago people affected with this virus were in direct contact of pigs. But during past several years, this virus is spreading humans to humans affecting the people who are not in direct contact of pigs.

ये एक वायरल इन्फेक्शन है जो कई तरह के स्वाइन फ्लू वायरस में से किसी भी तरह के वायरस से हो सकता है।  स्वाइन फ्लू को पिग फ्लू या हॉग फ्लू के नाम से भी जाना जाता है। इसे स्वाइन फ्लू कहा जाता है क्योंकि पहले पहल ये उन्ही लोगों को होता था जो सूअर के संपर्क में आते थे।  पर पिछले कुछ सालों से ये वायरस इंसानों से इंसानों में भी फैलने लगा है और उन लोगों को भी अपनी चपेट में लेने लगा है जो सूअर के संपर्क में नहीं आते हैं। 


Swine Flu
Swine Flu

How Swine Flu Spreads?
स्वाइन फ्लू कैसे फैलता है ?

Swine Flu spreads pigs to person, or person to person. When people affected with Swine Flu virus talk, sneeze, cough, laugh, they create droplets. These droplets, which contain virus, suspend in air for some times and can be inhaled by healthy people and thus giving the entry to virus in their body. 
Affected people usually touch their nose and mouth with bare hands and then touch other surfaces like railing, door knobs, glass etc and leave the virus on those surfaces or objects. A healthy person who touch those surfaces and then touch his/her own mouth or nose can accidentally get flu virus.  

स्वाइन फ्लू सूअर से इंसानों या फिर इंसानों से इंसानो में फ़ैल सकता है।  जब कोई स्वाइन फ्लू वायरस से संक्रमित व्यति बोलता है, छींकता है, या फिर खांसी करता है या जोर से हँसता है तो वो कुछ ड्रॉप्लेट बनाता है।  ये ड्रॉप्लेट, जिनमे वायरस  होता है कुछ समय तक हवा में तैरते रहते हैं और स्वस्थ व्यक्तियों द्वारा नाक या मुह के रास्ते अंदर ले जाए जा सकते हैं जिस से वो भी संक्रमित हो सकते हैं।
संक्रमित व्यक्ति अपने नाक या मुंह को स्पर्श करता है और फिर उन हाथों को रेलिंग, दरवाजे का हैंडल, ग्लास आदि को स्पर्श करता है तो वहां पर वायरस छोड़ सकता है।  अगर एक स्वस्थ व्यक्ति उन सतहों को या उन चीज़ों को स्पर्श करे तो वो भी स्वाइन फ्लू के वायरस से संक्रमित हो सकता है। 

How Swine Flu does not Spread?
स्वाइन फ्लू कैसे नहीं फैलता है ?

Swine Flu does not spread by eating any pork products if pork is cooked properly. Virus is killed while cooking. Or by Intercourse with an infected person

स्वाइन फ्लू सूअर का मांस खाने से नहीं फैलता है अगर मांस को अच्छे से पकाया गया है तो। मांस पकाते वक्त गर्मी से वायरस मर जाता है और संक्रमित नहीं करता है। 

What are Symptoms of Swine Flu?
स्वाइन फ्लू के लक्षण क्या होते हैं ?

In Humans, Swine flu symptoms in humans may vary from common flu-like symptoms  like fever, cough, sore throat and muscle aches  to   pneumonia, Acute respiratory distress and other severe and life-threatening complications. Symptoms of Swine flu  depend on many factors including immunity of infected person, strain/type of virus causing the infection, age, any other co-existing diseases.

इंसानों में स्वाइन फ्लू के लक्षण साधारण जुकाम से मिलते जुलते से लेकर जैसे के बुखार, खांसी, गले में दर्द, शरीर में दर्द आदि से लेकर निमोनिया, अचानक सांस लेने में तकलीफ होना जैसे गंभीर लक्षण जैसे हो सकते हैं। किस मरीज में स्वाइन फ्लू के कितने गंभीर लक्षण मिलेंगे ये कई बातों पर निर्भर करता है जैसे के संक्रमित व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता, संक्रमण करने वाले वायरस की किस्म, मरीज की उम्र, कोई और साथ में होने वाली बिमारी आदि। 

How Swine Flu is diagnosed?
स्वाइन फ्लू को पहचाना कैसे जाता है ?

Clinically, it is difficult to differentiate Swine flu from common flu or other flu like diseases because symptoms are almost same. Proper History taking and history suggestive of coming in contact with an Swine Flu infected patient usually raise the alarm.  Lab test can help in confirming the diagnose. A swab from Naso pharynx is taken and sent to Lab for examination where presence of Virus can be ascertained and thus help in diagnosing Swine Flu.

क्लिनिकली, स्वाइन फ्लू को साधारण जुकाम से अलग पहचानना बहुत मुश्किल होता है क्योंकि इनके लक्षण काफी मिलते जुलते होते हैं। सही तरह से बिमारी और मरीज़ की हिस्ट्री लेकर और कुछ समय पहले किसी स्वाइन फ्लू संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने का साक्ष्य होने पर स्वाइन फ्लू का शक किया जाता है। या फिर लैब में टेस्ट करवा कर इसका निश्चय किया जाता है।  ये टेस्ट करवाने के लिए मरीज के नसोफैरिंक्स से स्वैब लेकर लैब में जांच की जाती है जहाँ से स्वाइन फ्लू का पता लगाया जा सकता है। 

What is Treatment of Swine Flu?
स्वाइन फ्लू का इलाज़ क्या है ?

Swine Flu is a self limiting disease. Means, our body cure it by self. Most cases of Swine flu does not need any special care or treatment. Some cases need supportive and symptomatic treatment. Some Serious cases and in cases with compromised immunity, patient need Anti-Viral Drugs. Commonly used Anti Viral drugs include oseltamivir and zanamivir. But these should not be used without proper medical supervision.

स्वाइन फ्लू साधारणतया खुद ही ठीक होने वाली बीमारी है मतलब हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता खुद ही इस बीमारी को ठीक कर देती है। अधिकतर स्वाइन फ्लू के मरीजों को ख़ास इलाज़ की जरुरत नहीं होती है।  कुछ मरीजों में लक्षणों के अनुसार इलाज़ की जरुरत पद सकती है। कुछ गंभीर मरीजों में और ऐसे मरीजों में जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छे से काम नहीं कर रही है उनमें एंटी वायरल दवाइयों की जरुरत पद सकती है।  आम तौर पर इस्तेमाल होने वाली एंटी वायरल दवाइयाँ हैं oseltamivir और  zanamivir । परन्तु इन दवाइयों को बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं लेना चाहिए। . 


What is not a treatment of Swine flu?
स्वाइन फ्लू का इलाज़ क्या नहीं है ?

Antibiotics have no role in treatment of Swine flu. Although if there is any secondary infection or if there is any co-existing condition, Anti-biotics may be needed

एंटी बायटिक्स का स्वाइन फ्लू के इलाज़ में कोई रोल नहीं है।  हालांकि अगर मरीज को कोई सेकेंडरी इन्फेक्शन है या फिर साथ में कोई दूसरी बीमारी है जिसमे एंटी बायटिक्स की जरुरत पड़ती है तो उसे एंटी बायटिक्स  लेनी पड़  सकती है। 

What is Ayurvedic Treatment of Swine Flu?
स्वाइन फ्लू का आयुर्वेदिक इलाज़ क्या है ?

In Ayurveda Various herbs are used for treatment of Swine Flu.  These herbs can be taken in addition to Allopathic treatment. Proven herbs include neem , tulsi, ginger and pepper extracts. Some Medicines are also very effective in treatment of Swine Flu. These include Sitopladi Churn, Lakshmi Vilas Ras, Maha Lakshmi Vilas Ras. These medicine should be taken under supervision of a qualified Ayurveda specialist only.

आयुर्वेद में कई जड़ी बूटियों का इस्तेमाल किया जाता है।  ये जड़ी बूटियां आप साधारण एलोपैथिक मेडिसिन के साथ भी ले सकते हैं। जैसे के नीम, तुलसी, अदरक आदि।  आयुर्वेद में कई दवाइयों का भी इस्तेमाल किया जाता है जिसमे सितोपलादि चूर्ण , लक्ष्मी विलास रस, महा लक्ष्मी विलास रास आदि का इस्तेमाल किया जाता है।  परन्तु इन दवाइयों को आयुर्वेदिक चिकित्सक की देख रेख में ही लें। 

What is Homeopathic Treatment of Swine Flu?
स्वाइन फ्लू का होम्योपैथिक इलाज़ क्या है ?

Comon homeopathic remedies   used   with great effeciveness in Bird Flu include: 

Gelsenium
Bryonia
Aconite
Consult your homeopathic doctor for further information for same

आम तौर पर स्वाइन फ्लू के लिए इस्तेमाल होने वाली  होम्योपैथिक दवाइयों में ये शामिल हैं :


Gelsenium
Bryonia
Aconite
परन्तु इन दवाइयों को होम्योपैथिक  चिकित्सक की देख रेख में ही लें। 

How to Prevent Swine Flu?
स्वयं फ्लू से बचाव कैसे करें ?

1 ) Vaccination – Get yourself vaccinated for Swine Flu. One Shot a year can keep you safe from Swine Flu. Commonly available Flu vaccine does not have enough strength to protect against swine flu but if dedicates Swine Flu vaccine is not available, go for it.

2 )Hygiene –
                   Frequently wash your hands
                   Keep your nose and mouth covered  while coughing or sneezing
                   Avoid touching your nose, eyes and mouth
                  Keep distance from infected persons
                   Avoid touching door knobs and railings in public places
                  Avoid Handshakes. Use Namaste for greeting other people.
 3) Be physically active, do regular exercise, keep yourself hydrated.

1) वैक्सीनेशन : अपने डॉक्टर से सलाह लें और स्वाइन फ्लू की वैक्सीन लगवाएं। हर साल एक टीका लगवाने से आप स्वाइन फ्लू से बचे रह सकते है। साधारण फ्लू वैक्सीन में भी स्वाइन फ्लू का कुछ अंश होता है पर वो काफी नहीं होता। परन्तु अगर डेडिकेटेड स्वाइन फ्लू वैक्सीन नहीं हो तो कॉमन फ्लू वैक्सीन लगवा लेनी चाहिए। 

२) साफ़ सफाई  - 
                 अपने हाथ समय समय पर धोते रहे 
                 खांसी करते वक़्त और छींकते वक़्त अपना मुह और नाक ढक  करे रखें 
                 बार बार अपने नाक, मुह, और आँखों को स्पर्श ना करें 
                 संक्रमित व्यक्ति से थोड़ी दूरी पर रहे 
                 सार्वजानिक जगहों पर रेलिंग, दरवाजों के हैंडल आदि को स्पर्श करने से बचें 
                 अभिवादन करने के लिए हाथ मिलाने की जगह नमस्ते का उपयोग करें 
३) शारीरिक तौर पर स्वस्थ रहे, व्यायाम की आदत बनाएं, खूब पानी पीयें 

What to do If I suspect I have Swine Flu?
मुझे शक है है के मुझे स्वाइन फ्लू है।  मैं क्या करूँ ?

Remember, not every flu is Swine Flu. But if you have any doubt that you can have swine flu or if you came in contact with a person who is diagnosed with Swine flu now, consult your doctor and get the test done for same. A clinical assessment is necessary to see the severity of Flu.

हर एक फ्लू स्वाइन फ्लू नहीं होता।  पर अगर आपको शक है कि  कहीं आपको स्वाइन फ्लू तो नहीं या फिर आप किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आये हैं जिसे स्वाइन फ्लू हुआ है और अब आपको भी फ्लू जैसे लक्षण मिल रहे हैं तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें और स्वैब टेस्ट करवाएं।  क्लिनिकल असेसमेंट भी जरुरी है फ्लू की गंभीरता का पता लगाने के लिए 

What to do If I am having Swine Flu?
मुझे स्वाइन फ्लू हो गया है।  मैं अब क्या करूँ ?

If you are diagnosed with Swine flu, and symptoms are mild then take proper rest and keep yourself hydrated. If Symptoms are severe consult your doctor and start Anti Viral treatment. Follow all the instructions given by doctor and take medicines on time.

Also, take precautions for prevention so that other people near you don’t get infected. Wear a recommended mask, cover your mouth and nose covered while coughing or sneezing.

 अगर आपको स्वाइन फ्लू हो गया है और लक्षण अगर हलके ही हैं तो आराम करें और खूब पानी पीयें।  अगर लक्षण गंभीर हैं तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें और एंटी वायरल दवाइयाँ शुरू करें। 

और इस चीज़ का भी ख्याल रखें के आप किसी और को संक्रमित ना कर दें। मास्क पहन कर रखें, खांसी करते वक्त और छींकते वक्त अपना नाक और मुह ढक कर रखें। 



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